सिविल सेवा परीक्षा - कुल अवसरों की संख्या

UPSC Logo

सिविल सेवा परीक्षा का प्रारूप

अवसरों की संख्या

  • सिविल सेवा परीक्षा में बैठने वाले प्रत्येक उम्मीदवार को जो अन्यथा पात्र हों, छह बार बैठने की अनुमति दी जाएगी।
  • परन्तु अवसरों की संख्या से संबद्ध यह प्रतिबंध अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के अन्यथा पात्र उम्मीदवारों पर लागू नहीं होगा।
  • परन्तु आगे यह और भी है कि अन्य पिछड़ी श्रेणियों के उम्मीदवारों को, जो अन्यथा पात्र हों, स्वीकार्य अवसरों की संख्या नौ (9) होगी। यह रियायत/छूट केवल वैसे अभ्यर्थियों को मिलेगी जो आरक्षण पाने के पात्र हैं।

बशर्ते यह भी कि शारीरिक रूप से विकलांग उम्मीदवारों को उतने ही अवसर अनुमत होंगे जितने कि उसके समुदाय के अन्य उन उम्मीदवारों को जो शारीरिक रूप से विकलांग नहीं हैं या इस शर्त के अध्यधीन हैं कि सामान्य वर्ग से संबंधित शारीरिक रूप से विकलांग उम्मीदवार नौ (9) अवसरों के पात्र होंगे। विभिन्न सेवाओं के संदर्भ में संबंधित नियमों/विनियमों में समरूप परिवर्तन हेतु आवश्यक कार्रवाई अलग से की जा रही है।

यह छूट शारीरिक रूप से विकलांग उन उम्मीदवारों को उपलब्ध होगी जो कि ऐसे उम्मीदवारों पर लागू होने वाले आरक्षण को प्राप्त होने के पात्र होंगे।

1. प्रारंभिक परीक्षा में बैठने को परीक्षा में बैठने का एक अवसर माना जाता है।
2. यदि उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा के किसी एक प्रश्नपत्र में वस्तुतः परीक्षा देता है तो उसका परीक्षा के लिए यह एक प्रयास समझा जाता है।
3. अयोग्यता/उम्मीदवारी के रद्द होने के बावजूद उम्मीदवार की परीक्षा में उपस्थिति का तथ्य एक प्रयास गिना जाएगा।

परीक्षा के लिए आवेदन करने पर प्रतिबंध

कोई उम्मीदवार किसी पूर्व परीक्षा के परिणाम के आधार पर भारतीय प्रशासनिक सेवा अथवा भारतीय विदेश सेवा में नियुक्त हो जाता है और उस सेवा का सदस्य बना रहता है तो वह इस परीक्षा में प्रतियोगी बने रहने का पात्र नहीं होगा।

यदि कोई उम्मीदवार सिविल सेवा परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा की समाप्ति के पश्चात् भारतीय प्रशासनिक सेवा/भारतीय विदेश सेवा में नियुक्त हो जाता है तथा वह उस सेवा का सदस्य बना रहता है, तो वह सिविल सेवा (प्रधान) परीक्षा, में बैठने का पात्र नहीं होगा चाहे उसने प्रारंभिक परीक्षा में अर्हता प्राप्त कर ली हो।

यह भी व्यवस्था है कि सिविल सेवा (प्रधान) परीक्षा, के प्रारंभ होने के पश्चात् किंतु उसके परीक्षा परिणाम से पहले किसी उम्मीदवार की भारतीय प्रशासनिक सेवा/भारतीय विदेश सेवा में नियुक्ति हो जाती है और वह उसी सेवा का सदस्य बना रहता है तो सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम के आधार पर उसे किसी सेवा/पद पर नियुक्ति हेतु विचार नहीं किया जाएगा।


Post Type: 

SHIKSHAPORTAL.COM

↑ Grab this Headline Animator