सिविल सेवा परीक्षा (ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया)

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सिविल सेवा परीक्षा : आनलाईन आवेदन

आवेदन कैसे करे?


(क) उम्मीदवार http://www/upsconline.nic.in वेबसाइट का इस्तेमाल करके ऑनलाइन आवेदन करे। ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने के लिए विस्तृत अनुदेश उपर्युक्त वेबसाइट पर उपलब्ध है।

आवेदकों को केवल एक ही आवेदन पत्र प्रस्तुत करने का परामर्श दिया जाता है। तथापि, किसी अपरिहार्य परिस्थितियों यदि वह एक से अधिक आवेदन पत्र प्रस्तुत करता है, तो वह यह सुनिश्चित कर ले कि उच्च आरआईडी वाला आवेदन पत्र हर तरह अर्थात आवेदक का विवरण, परीक्षा केंद्र, फोटो, हस्ताक्षर, शुल्क अदि से पूर्ण है। एक से अधिक आवेदन पत्र भेजने वाले उम्मेदवार ये नोट कर ले कि केवल उच्च आरआईडी (रजिस्ट्रेशन आईडी) वाले आवेदन पत्र ही आयोग द्वारा स्वीकार किये जायेंगे और एक आरआईडी के लिए अदा किये गये शुल्क का समायोजन किसी अन्य आरआईडी के लिए नहीं किया जायेगा।

(ख) सभी उम्मीदवार को चाहे वे पहले से सरकारी नौकरी में हो या सरकारी ओद्योगिक उपकर्मो में हो या इसी प्रकार के अन्य संगठनों में हो या गैर-सरकारी संस्थाओ में नियुक्त हो, अपने आवेदन प्रपत्र आयोग को सीधे भेजने चाहिए। जो व्यक्ति पहले से सरकारी नौकरी में स्थायी या अस्थायी हैसियत से काम कर रहे हो या किसी काम के लिए विशिस्ट रूप से नियुक्त कर्मचारी हो, जिसमे आकस्मिक या दैनिक दर पर नियुक्त व्यक्ति शामिल नहीं है, उनको अथवा जो लोक उद्यमों के अधीन कार्यरत है उनको यह परिवचन (अंडरटेकिंग) प्रस्तुत करना होगा कि उन्होंने लिखित रूप से अपने कार्यालय/विभाग के अध्यक्ष को सूचित कर दिया है कि उन्होंने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया है।

उम्मीदवारों को ध्यान रखना चाहिए कि यदि आयोग को उनके नियोक्ता से उनके उक्त परीक्षा के लिए आवेदन करने/परीक्षा में बैठने से सम्बन्ध अनुमति रोकते हुए कोई पत्र मिलता है तो उनका आवेदन पत्र अस्वीकृत किया जा सकता है/उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी जा सकती है।

नोट:- 1 उम्मीदवार को अपने आवेदन प्रपत्र में परीक्षा के लिए केंद्र भरते समय सावधानीपूर्वक निर्णय लेना चाहिए। यदि कोई उम्मीदवार आयोग द्वारा प्रेषित प्रवेश प्रमाण पत्र में दर्शाये गये केंद्र से इतर केंद्र में बैठता है तो उस उम्मीदवार के प्रश्न पत्रों का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा तथा उसकी उम्मीदवार भी रद्द की जा सकती है।

नोट:- 2 दृष्टिहीन और चलने में असमर्थ एवं प्रमस्तिष्कीय पक्षाघात से पीड़ित उम्मीदवार जिनकी कार्य निष्पादन शमता (लेखन शमता) धीमी हो जाती है (न्यूनतम 40% तक अक्षमता) द्वारा स्क्राइब (लेखन सहायक) की सहायता लेने के सम्बन्ध में जानकारी हेतु उपयुक्त प्रावधान आरंभिक ऑनलाइन आवेदन पत्र के समय ही किये गये है।

नोट:- 3 सिविल सेवा (प्रारम्भिक) परीक्षा 2017 में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को निम्नलिखित प्रकार की सूचना का उल्लेख ऑनलाइन आवेदन पत्र भरते समय हे करना होगा : (क) सिविल सेवा (प्रधान) परीक्षा तथा भारतीय वन सेवा (प्रधान) परीक्षा के केन्द्रों का विवरण (ख) दोनों परीक्षाओ के लिए वैकल्पिक विषयों का चयन (ग) सिविल सेवा (प्रधान) परीक्षा हेतु परीक्षा देने का माध्यम और (घ) सिविल सेवा (प्रधान) परीक्षा के लिए अनिवार्य भारतीय भाषा।

नोट:- 4 उम्मीदवारों को अपने आवेदन प्रपत्रों के साथ आयु तथा शैक्षिक योग्यता, अनुसूचित जाती/अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ी श्रेणी, शारीरिक रूप से अक्षम और शुल्क में छूट आदि का प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं करना होगा। केवल प्रधान परीक्षा के समय इनकी जांच कि जाएगी। परीक्षा में आवेदन करने वाले उम्मीदवार यह सुनिश्चित कर ले कि वे परीक्षा में प्रवेश पाने के ल्लिये पात्रता की सभी शर्ते पूरी करते है। परीक्षा तथा स्तरों, जिनके लिए आयोग ने उन्हें प्रवेश दिया है अर्थात प्रारंभिक परीक्षा, प्रधान (लिखित) परीक्षा तथा साक्षात्कार परिक्षण, में उनका प्रवेश पूर्णत: अनंतिम होगा तथा उनके निर्धारित पात्रता की शर्तो को पूरा करने पर आधारित होगा।

यदि प्रारंभिक परीक्षा, प्रधान (लिखित) परीक्षा तथा साक्षात्कार परीक्षण के पहले या बाद में सत्यापन करने पर यह पता चलता है कि वे पात्रता की किन्ही शर्तो को पूरा नहीं करते है तो आयोग द्वारा परीक्षा के लिए उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी। यदि उनके द्वारा किये गये दावे सही नहीं पाए जाते है तो उनके खिलाफ आयोग द्वारा सिविल सेवा परीक्षा 2017 की नियमावली के नियम 14 की शर्तो जो कि नीचे उद्धत है, के अनुसार अनुशासनिक कार्यवाही की जा सकती है।

जिस उम्मीदवार ने:

(i) निम्नलिखित तरीको से अपनी उम्मीदवारी के लिए समर्थन प्राप्त किया है अर्थात :

(क) गैर क़ानूनी रूप से परितोषण की पेशकश करना, या

(ख) दबाव डालना, या

(ग) परीक्षा आयोजित करने से सम्बंधित किसी भी व्यक्ति को ब्लैकमेल करना, अथवा उसे ब्लैकमेल करने की धमकी देनाक, अथवा

  • (ii) नाम बदल कर परीक्षा दी है, अथवा
  • (iii) किसी अन्य व्यक्ति से छद्म रूप से कार्य साधन कराया है, अथवा
  • (iv) जाली प्रमाणपत्र या ऐसे प्रमाण प्रस्तुत किये है, जिनमे तथ्यों को बिगाड़ा गया हो, अथवा
  • (v) गलत या झूठे वक्तव्य दिए है या किसी महत्वपूर्ण तथ्य को छिपाया है, अथवा
  • (vi) परीक्षा के लिए अपनी उम्मीदवारी के सम्बन्ध में निम्नलिखित साधनों का उपयोग किया है अर्थात :

(क) गलत तरीके से प्रश्न-पत्र से प्रश्न की प्रति प्राप्त करना,

(ख) परीक्षा से सम्बंधित गोपनीय कार्य से जुड़े व्यक्ति के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करना

(ग) परीक्षको को प्रभावित करना, या

  • (vii) परीक्षा के समय अनुचित साधनों का प्रयोग किया हो, या
  • (viii) उत्तर पुस्तिकाओ पर असंगत बाते लिखना या भधे रेखाचित्र बनाना, अथवा
  • (ix) परीक्षा भवन में दुर्व्यव्यवहार करना, जिसमे उत्तर-पुस्तिकाओ को फाड़ना, परीक्षा देने वालो को परीक्षा का बहिष्कार करने के लिए उकसाना अथवा अव्यवस्था तथा ऐसे ही अन्य स्थिति पैदा करना शामिल है, अथवा
  • (x) परीक्षा संचालित करने के लिए आयोग द्वारा नियुक्त कर्मचारियों को परेशां किया हो या अन्य प्रकार की शारीरिक क्षति पहुंचाई हो, या
  • (xi) परीक्षा के दौरान मोबाइल फ़ोन/पेजर, ब्लूटूथ या किसी अन्य प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या यंत्र अथवा संचार यंत्र के रूप में प्रयोग किये जा सकने वाला कोई अन्य उपकरण प्रयोग करते हुए या अपने पास रखे पाया गया हो, या
  • (xii) परीक्षा की अनुमति देते हुए उम्मीदवारों को भेजे गये प्रमाण-पत्रों के साथ जारी अनुदेशों का उल्लंघन किया है, अथवा
  • (xiii) उपर्युक्त खंडो में उल्लिखित सभी/किसी भी कार्य के द्वार आयोग को अव्प्रेरित करने का प्रयत्न किया हो, तो उन पर आपराधिक अभियोग (क्रिमिनल प्रोसीक्युशन) चलाया जा सकता है और उसके साथ ही उसे-

(क) आयोग द्वारा किसी उम्मीदवार को उस परीक्षा के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है जिसमे वह बैठ रहा है, और/अथवा

(ख) उसे स्थाई रूप से अथवा एक विशेष अवधि के लिए

  • (i) आयोग द्वारा ली जाने वाली किसी भी परीक्षा अथवा चयन के लिए
  • (ii) केंद्रीय सरकार द्वारा उसके अधीन किसी भी नौकरी से वारित किया जा सकता है।

(ग) यदि वह सरकार के अधीन पहले से ही सेवा में है तो उसके विरुद्ध उपयुक्त नियमो के अधीन अनुशासनिक कार्यवाही की जा सकती है। किन्तु शर्त यह है की इस नियम के अधीन कोई शास्ति तब तक नहीं दी जाएगी जब तक :

  • (i) उम्मीदवार को इस सम्बन्ध में लिखित अभ्यावेदन, जो देना चाहे, प्रस्तुत करने का अवसर न दिया गया हो और
  • (ii) उम्मीदवार द्वारा अनुमत समय में प्रस्तुत अभ्यावेदन पर, यदि कोई हो, विचार न कर लिया गया हो।

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