सिविल सेवा परीक्षा - न्यूनतम शैक्षिक योग्यता

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सिविल सेवा परीक्षा का प्रारूप

न्यूनतम शैक्षिक योग्यता

उम्मीदवार के पास भारत के केंद्र या राज्य विधानमंडल द्वारा निगमित किसी विश्वविद्यालय की या संसद के अधिनियम द्वारा स्थापित या विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, 1956 के खंड 3 के अधीन विश्वविद्यालय के रूप में मानी गई किसी अन्य शिक्षा संस्था की डिग्री अथवा समकक्ष योग्यता होनी चाहिए।

नोट-I: कोई भी उम्मीदवार जिसने ऐसी कोई परीक्षा दे दी है जिसमें उत्तीर्ण होने पर वह आयोग की परीक्षा के लिए शैक्षिक रूप से पात्र होगा परन्तु उसे परीक्षा फल की सूचना नहीं मिली है तथा ऐसा उम्मीदवार भी जो ऐसी अर्हक परीक्षा में बैठने का इरादा रखता है, प्रारंभिक परीक्षा में प्रवेश पाने का पात्र होगा। सिविल सेवा (प्रधान) परीक्षा के लिए अर्हक घोषित किए गए सभी उम्मीदवारों को प्रधान परीक्षा के लिए आवेदन-पत्र के साथ-साथ उत्तीर्ण होने का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा जिसके प्रस्तुत न किए जाने पर ऐसे उम्मीदवार को प्रधान परीक्षा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। प्रधान परीक्षा के लिए आवेदन पत्र सितम्बर/अक्टूबर में मंगाए जाते हैं।

नोट-II: विशेष परिस्थितियों में संघ लोक सेवा आयोग ऐसे किसी भी अर्हताओं में से कोई अर्हता न हो, बशर्ते कि उम्मीदवार ने किसी संस्था द्वारा ली गई कोई ऐसी परीक्षा पास कर ली हो जिसका स्तर आयोग के मतानुसार ऐसा हो कि उसके आधार पर उम्मीदवार को उक्त परीक्षा में बैठने दिया जा सकता है।

नोट-III: जिन उम्मीदवारों के पास ऐसी व्यावसायिक और तकनीकी योग्यताएं हों, जो सरकार द्वारा व्यावसायिक और तकनीकी डिग्रियों के समकक्ष मान्यता प्राप्त हैं वे भी उक्त परीक्षा में बैठने के पात्र होंगे।

नोट-IV: जिन उम्मीदवारों ने अपनी अंतिम व्यावसायिकी एम बी बी एस अथवा कोई अन्य चिकित्सा परीक्षा पास की हो लेकिन उन्होंने सिविल सेवा (प्रधान) परीक्षा का आवेदन-पत्र प्रस्तुत करते समय अपना इंटर्नशिप पूरा नहीं किया है तो वे भी अनन्तिम रूप से परीक्षा में बैठ सकते हैं, बशर्ते कि वे अपने आवेदन-पत्र के साथ संबंधित विश्वविद्यालय/संस्था के प्राधिकारी से इस आशय के प्रमाण-पत्र की एक प्रति प्रस्तुत करें कि उन्होंने अपेक्षित अंतिम व्यावसायिक चिकित्सा परीक्षा पास कर ली है। ऐसे मामलों में उम्मीदवारों को साक्षात्कार के समय विश्वविद्यालय/संस्था के संबंधित समक्ष प्राधिकारी से अपनी मूल डिग्री अथवा प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होता है कि उन्होंने डिग्री प्रदान करने हेतु सभी अपेक्षाएं (जिन्होंने इन्टर्नशिप पूरा करना भी शामिल है) पूरी कर ली हैं।


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